PRADYUMNA KUMAR
5 साल 4 महीने पहले
ऐसा नहीं है कि कोरोना ने व्यक्तिगत किसी को आहत किया हो, इससे सभी प्रभावित हुए हैं। शिक्षा विभाग की जो हालत हुए है वह किसी से छुपी नहीं है। प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक एक तरह से फर्श पर आ गए। जो एक मात्र रोजगार का माध्यम था वो भी इस कोरोना काल में छिन गया। जैसे हालत सुधरे तो सर इस विषय में गम्भीरता से विचार करें। अनावश्यक प्रतिबन्धों को हटाकर उन बेरोजगार शिक्षकों को जीवन यापन का माध्यम सुनिश्चित करें। ऑनलाइन शिक्षा वास्तविक शिक्षा का विकल्प नहीं हो सकता है।
प्रद्युम्न कुमार
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