सन्माननीय प्रधानमंत्रीजी फार्मासेटीकल कंपनीवाले देश के साथ धोका कर रहे है.जो दवाई १० रुपये मे बनती है ऊसकी मेडिकल की होलसेल किंमत १२ रुपये है और मरीज को १०० रुपये मे लेनी पड रही है. पूरा देश बिमार पडनेसे डर रहा है. कोई गरीब का घरका बिमार गिरा तो वो भगवान इसे जलदी ठिक करो नही ठिक कर सको तो इसे उठालो.कयोकी उसके ईलाज का खर्चा कहासे लावु.सरकारी दवाखानोपे लोगोका भरोसा नही. फार्मा कपनी को कडक कानुन बनाके ऊसके होलसेल व रिटेल रेट कमसे कम रखे.
Niti Aayog is doing good job, but this is the time when aayog needs to do very very good job. There r many no. of nitis already but not in action due to government and there officers their selfish n corrupt nature.
सर, ये निजी अस्पताल बहुत मनमानी कर रहे हैं। इनकी मनमानी के खिलाफ कुछ सख्त कानून बनाये सर। ये निजी अस्पताल गरीबों का तो कभी भी फ्री इलाज करते ही नही हैं और आम व्यक्ति को झूठे बिल थमा कर लूटते हैं।
इन निजी अस्पताल़ो के मनमाने व दबंग रवैये को देखते हुए सर, मेरा ये सुझाव हैं कि ऐसा कोई कानून होना चाहिए कि किसी भी अस्पताल में इलाज के दौरान अगर मरीज की मृत्यु हो जाए तो, अस्पताल का बिल स्वत: शुन्य हो जाए, ताकि ये प्राइवेट हॉस्पिटल वाले मरीज की मृत्यु के बाद, मरीज के परिवार वालो से मनमाना बिल ना वसूल स
PM सर,
भारत में जितने भी बैंक खाता धारक है, उनके खाते से सिर्फ "एक रुपया" उस वक़्त स्वतः ही कट जाए, जब कोई भी सैनिक बॉर्डर पर या आतंकियों के कायराना हमले में, हमारे लिए शहीद हो जाए और वो रुपये उस शहीद सैनिक के परिवार को मिल जाए/उनके एकाउंट में ट्रांसफर हो जाये, कृपया ऐसी कुछ व्यवस्था सरकार करे।
मुझे यकीन हैं कि सभी देशवासी भी मेरी इस बात से सहमत होंगे व इस बात से उन्हें भी कोई ऐतराज नहीं होगा।
धन्यवाद सर।
आदरणीय प्रधानमंत्री जी, मै स्वच्छता अभियान के सम्बंध में अपना एक विचार आपके सम्मुख प्रकट करना चाहती हूँ कि सभी प्रकार के चौपहिया वाहनों में एक छोटा सा कूडेदान रखने के लिए "मन की बात" कार्यक्रम में आप लोगों से कहे, क्योंकि चलते वाहनों से विभिन्न प्रकार की वस्तुएं बाहर फेंकने की एक बुराई हम सब लोगों में है, जो कि एक स्वच्छ मार्ग को गंदा कर देती है, अतः वाहनों में छोटा सा कूडादान लगवाने / रखवाने के प्रयास से भी स्वच्छता अभियान मे हमारा कुछ योगदान हो सकता है । मै भी स्वच्छ भारत का एक हिस्सा हूँ।
बह
Space applications from satellite is crucial to India's future. We have no option but to militarize space as other countries have already done. We are lagging behind in space based weapons systems and we need to catch up. There was lot of speculation about cold war but its now strongly believed America and it's allies never ended the cold war. The technology changed and techniques were changed but cold war continues. India's bureaucracy and intelligence did not gear up for this kind of cold war