KHUSHIRAM DABRAL
7 साल 9 महीने पहले
माननीय महोदय, यूँ तो सभी की कुछ न कुछ कहने की इच्छा होती है, सुझाव देना कोई बात नही क्या हम ऐसा नही कर सकते कि हम पहले स्वयं को सुधारें। महोदय आज बहुत कुछ बदला है और आप प्रयासरत है, परन्तु हम जो अभी आगे नही बढ़ पा रहे वह मूल कारण भ्रष्टाचार नही मिटा पा रहे हैं। यह एक अत्यंत विचारणीय विषय है।धन्यवाद।
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