Geeta banote
3 साल 3 महीने पहले
परम श्रद्धेय माननीय प्रधानमंत्री को मैं प्रणाम निवेदन करते हुए अपने मन की बात कहना चाहती हूं कि वर्तमान परिदृश्य में विद्यालयों में पश्चिमी संस्कृति का अधिकाधिक प्रभाव परिलक्षित हो रहा है, कहीं न कहीं यह हमारे भारतीय संस्कृति के लिए नकारात्मक पक्ष दृष्टिगोचर हो रहा है। अतः मैं निवेदन करना चाहूंगी कि विद्यालय के पाठ्यक्रम में भारतीय संस्कृति से सम्बन्धित कोई अध्याय जोड़ा जाना चाहिए ताकि एक आदर्श भारतीय नागरिक का निर्माण हो सकें।"धन्यवाद" जय मां भारती
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