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Tune in to 122nd Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 25th May 2025

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BajrangSingh
BajrangSingh 1 year 1 महीना पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी प्रणाम,मैंने खाटूश्यामजी मेले में स्वच्छता को लेकर एक छोटा सा प्रयोग किया जिससे वहां की साफ-सफाई में 60% तक की वृद्धि हुई।मैंने मेले में एक भंडारा संचालक को बर्तन देकर डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने को कहा तो उन्होंने श्रद्धालुओं को बर्तनों में ही प्रसादी खिलाई जिससे उनके 20-22 हजार रुपए की बचत भी हुई क्योंकि इतने के डिस्पोजल आ जाते हैं और हर वर्ष से इस वर्ष सफाई भी अधिक रही।इसके लिए मैंने 8-10 अन्य भंडारा संचालकों को भी जागरूक किया तो उन्होंने मुझे अगले फाल्गुन मैले में डिस्पोजल का उपयोग नहीं करने का आश्वासन दिया क्योंकि खाटूश्यामजी मैले मे लाखों की संख्या मे श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने आते है।उनके भोजन प्रसादी के लिए हजारों भंडारे लगाए जाते हैं औरअधिकतर मे डिस्पोजल का ही उपयोग होता है जिससे मैले के बाद स्थानीय लोगों को सफाई से संबंधित काफी परेशानी होती है,अगर सभी भंडारों मे डिस्पोजल की जगह बर्तनों का इस्तेमाल हो तो इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।मान्यवर मैं पिछले चार वर्ष से श्रद्धालुओ को पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूक कर रहा हूं बजरंग सिंह,सीकर(राज)
BajrangSingh
BajrangSingh 1 year 1 महीना पहले
श्रीमान प्रधानमंत्री महोदय,प्रणाम मैं पिछले चार वर्षों से पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य कर रहा हूँ कभी पर्यावरण संरक्षण यात्रा निकाल कर तो कभी खाटूश्यामजी मैले मे जाकर श्रद्धालुओं को संदेश लिखे हुए जुट के कैरी बैग देकर लाखों लोगों तक पर्यावरण संरक्षण का संदेश पहुंचाकर सिंगल यूज प्लास्टिक के दुष्परिणाम के बारे मे बताया है तथा हालही ही मे खाटूश्यामजी मैले मे एक छोटा सा प्रयोग किया जिससे सफाई 60% अधिक रही। मैंने एक भंडारा मे बर्तन देकर डिस्पोजल का उपयोग ना करने की अपील की जिससे वहां स्वच्छता अधिक रही।श्रीमान मेरे जिले में लाखों पेड़ दीमक की चपेट में आ चुके हैं उनमें से हजारों पेड़ सूख चुके हैं और लाखों की संख्या मे सूखने की ओर अग्रसर हैं,जो बचे हुए पैड हैं,उन पर मैं गौमूत्र और गाय की छाछ से कीटनाशक बनाकर समय समय पर स्प्रे कर दीमक से बचाने का काम कर रहा हूँ ताकि आने वाले दिनों में क्षेत्र में पर्यावरण संबंधी समस्याओं से बचा जा सके।इस प्रकार मैंने हजारों बड़े पेड़ो को दीमक के प्रकोप से बचाया है तथा वर्षा जल बचाने का संदेश देने के लिए 300 वर्ष पुरानी बावड़ी की सफाई की। बजरंग सिंह,सीकर(राज.)