MAYANK MISHRA
9 महीने 2 सप्ताह पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी
हम आपका ध्यान बहुत ही गंभीर एवं मार्मिक विषय की और ले जाना चाहते हैं ।
महोदय आज तक हमने कई बार सुना कि फला घर की बेटी किसी के साथ भाग गयी तो मन उसके प्रति यही भाव आता था कि कितना गलत किया इसने ।लेकिन महोदय पहली बार इस दर्द को बड़ी गहराई से महसूस किया। हमारे एक बहुत ही करीबी हैं दुर्भाग्य से उनकी बेटी भी किसी के साथ भाग गयी। महोदय जब कोई बिटिया घर से भाग जाती है तो उसे यह अनुभूति भी नहीं कि बहुत पीड़ा देकर जाती है। सबको तड़पाकर,रुलाकर,समाज मे शर्मिंदा कर,कलंकित करके चली जाती है। मैने उस परिवार को पीड़ा मे देखा, तड़पते हुए देखा। अपनी बेटी के लिए हर मंदिर मे जाकर माथा पटक रहे हैं। प्रशासन के सामने गिड़गिड़ा रहे हैं लेकिन कहीं भी कोई सुनवाई नहीं। प्यार मे अंधी लड़कियों को पता ही नहीं कि ये वास्तविक प्यार नहीं है। अगर वास्तविक प्यार होता तो कभी भी उनको और परिवार को कलंकित ना होने देता,परिवार को हमेशा के लिए रोने और तड़पने के लिए मजबूर ना करता। लड़कियों को सोचना चाहिए कि जोव्यक्तिआपको आपके परिवार से गद्दारी करने की शिक्षा देता है वोआपकेसाथ कैसे वफादारी कर सकता है
mygov_176395165854547511.pdf
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