shubham saini
3 साल 6 महीने पहले
सभी छावनी परिषदों को अमृत काल मे आज़ादी मिलने वाली थी जिसमे छावनी परिषदों को निकटवर्ती नगरीय निकाय में शामिल करने की प्रक्रिया सम्पूर्ण देश चल रही थी लेकिन अचानक चुनाव की घोषणा से उन लाखों छावनी निवासियों के सपनो को ठेस पहुँची है जिन्हें लग रहा था कि अब वे सभी योजनाओं का लाभ नगरीय निकाय में शामिल होने के पश्चयात ले पाएंगे ।
माननीय प्रधानमंत्री जी छावनी परिषदों में होने वाले चुनाव को त्वरित रूप से रोकने की कृपा करें जिससे छावनी परिषद में गुलामी की मानसिकता के कानूनों से चलने वाली छावनी परिषदों को समाप्त किया जा सके ।
पसंद
(10)
नापसन्द
(2)
जवाब दो
स्पैम की रिपोर्ट करें