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विरासत शहर विकास और विस्तार योजना (हृदय) के लिए प्रतीक चिन्ह बनाएँ और प्रचार वाक्य सुझाएँ

हृदय (विरासत शहर विकास और विस्तार योजना) सुलभ, जानकारी पूर्ण और ...
हृदय (विरासत शहर विकास और विस्तार योजना) सुलभ, जानकारी पूर्ण और सुरक्षित माहौल में भारत के प्रत्येक शहर की अद्वितीय विशेषताओं के प्रदर्शन के द्वारा संरक्षण, संरक्षन और विरासत महत्व पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने और भारतीय शहरों की "आत्मा" के पुनरोद्धार के लिए एक केन्द्रीय योजना है।
हृदय समावेशी और एकीकृत दृष्टिकोण के माध्यम से विभिन्न हितधारकों जैसे- सरकारी एजेंसियों, स्थानीय निकायों, गैर सरकारी संगठनों, नागरिकों, सांस्कृतिक विरासतकायाकल्प के प्रयासों का एकीकरण और शहरी योजना और आर्थिक विकास एवं प्रबंधन को एक मंच के माध्यम से भारत में ऐतिहासिक शहरों के सतत विकास को लक्षित करने की दृष्टि से भारत सरकार की एक मिशनमोड परियोजना है।
हृदय आजीविका, कौशल, सफाई, सुरक्षा, पहुंच और सेवा उपलब्धता पर ध्यान देने के साथ एक समावेशी और समन्वित तरीके से विरासत संरक्षण के द्वारा शहरी नियोजन/ आर्थिक वृद्धि को एक साथ लाकर शहरी विकास पर भारतीय दृष्टिकोण में एक सकारात्मक बदलाव की परियोजना है।
इस परियोजना के तहत बारह (12) भारतीय शहरों अमृतसर, अजमेर, अमरावती, बादामी, द्वारका, गया, कांचीपुरम, मथुरा, पुरी, वाराणसी, वेलंकन्नी और वारंगल को चिह्नित किया गया है।
मिशन वक्तव्य
हृदय परियोजना का उद्देश्य सुलभ, जानकारीपूर्ण और सुरक्षित माहौल में भारत के प्रत्येक शहर की अद्वितीय विशेषताओं के प्रदर्शन के द्वारा संरक्षण, संरक्षन और विरासत महत्व पर लोगों का ध्यान आकर्षित करने और भारतीय शहरों की "आत्मा" के पुनरोद्धार करना है। इस योजना का उद्देश्य जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार के साथ स्वच्छता, सुरक्षा, पर्यटन, विरासत पुनरोद्धार, आजीविका पर विशेष ध्यान देना, शहरों की सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना और विरासत शहरों के लिए सामरिक और नियोजित विकास का कार्य करना है।
निर्देशात्मक संघटक
• शहर का कायाकल्प "आत्मा"।
o विरासत प्रबंधन योजना के लिए विरासत प्रलेखन और महत्वपूर्ण मानचित्रण।
o मूर्त और अमूर्त विरासत का सूचीकरण, रिकॉर्डिंग और प्रलेखन।
o संरक्षण/अनुकूलनपुन: उपयोगी योजना के साथ विरासत प्रबंधन योजना का विकास।
• जीवन शैली में सुधार के लिए योजना, विकास और विरासत के प्रति तीव्र बुनियादी ढांचे का कार्यान्वयन।
o स्वच्छता, शौचालय, पीने योग्य पानी की सुविधा, पार्किंग, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन आदि जैसी बुनियादी सेवाओं की उपलब्धता में सुधार।
o पानी और अपशिष्ट जल प्रबंधन और प्रशोधन के लिए, शहरी बुनियादी ढांचे/नाली से जोड़ने का साधन।
o विरासत, धार्मिक प्रतिक चिह्नों, लटकने वाले तारों के स्थानांतरण सहित स्ट्रीट फर्नीचर, डंडे और ट्रांसफॉर्मर का विकास।
o सांस्कृतिक कार्यक्रमों, निष्पक्ष एंव त्योहार क्षेत्र और संबद्ध बुनियादी ढांचे का विकास।
o शहर संग्रहालय, व्याख्यान केन्द्र और सांस्कृतिक विस्तार का विकास।
o सड़क/रास्ते, विरासत क्षेत्रों सहित शहर के आखिरी हिस्से तक जुडाव के लिए सार्वजनिक परिवहन और पार्किंग में सुधार।
o पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सौर/ बैटरी संचालित वाहन।
• शहरी सूचना/ज्ञान प्रबंधन और कौशल विकास।
o शहरी नक्शा और विवरणिका, डिजिटल प्रदर्शन/ सूचना बोर्ड, वाई-फाई एक्सेस क्षेत्र।
o टूर ऑपरेटरों, गाइड, स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों का कौशल विकास।
o शहरी विरासत के बुनियादी ढांचे जैसे- वेब पेज, विरासत बद्ध मोबाइल अनुप्रयोग, सॉफ्टवेयर, विरासत संरक्षण के लिए वेब आधारित इंटरफेस, अनुकूलन और प्रबंधन का विकास।
o ऐतिहासिक और नए निर्माण इमारतों के सांस्कृतिक परिदृश्य की विशेषताओं को बनाए रखने के लिए सूची और विवरणिका।
इस कार्य के अंतर्गत आपको विरासत शहर विकास और विस्तार योजना – हृदय के लिए एक प्रतीक चिन्ह बनाना होगा और प्रचार वाक्य सुझाना होगा।
आप अपनी प्रविष्टि 4 फरवरी 2015 तक भेज सकते हैं।
विजेता प्रविष्टि को रु. 25,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
नियम एंव शर्तें, तकनीकी प्राचल और मूल्यांकन मानदंडों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए यहाँ क्लिक करें।
कार्य नियंत्रक
जगन शाह,
शहरी विकास मंत्रालय,
ईमेल आईडी: jshah@niua.org
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