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सुशासन दिवस के लिए ई-शुभकामना सन्देश बनाएं

आरंभ करने की तिथि :
Dec 12, 2014
अंतिम तिथि :
Dec 18, 2014
18:30 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

25 दिसम्बर को डीईआईटीवाई द्वारा सुशासन दिवस मनाया जा रहा है जो कि भारत ...

25 दिसम्बर को डीईआईटीवाई द्वारा सुशासन दिवस मनाया जा रहा है जो कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपयी जी का जन्म दिवस भी है। सुशासन, कार्यात्मक लोकतंत्र का आधार है और ई-शासन द्वारा बड़े पैमाने पर लागू किया गया है।

ई-शासन द्वारा सुशासन” देश के सभी नागरिकों की मौजूदा और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए पूरे शासन तंत्र को उत्तरदायी, पारदर्शी, संवेदनशील और सहयोगात्मक बनाता है।

ई-शासन द्वारा सुशासन और अन्य परियोजनाओं के माध्यम से डीईआईटीवाई द्वारा आगे भी इसी प्रकार काम किया जाएगा। डिजिटल भारत, मेरी सरकार, आधार – बायोमेट्रिक आधारित उपस्तिथि प्रणाली, जीवन प्रमाण आदि अनेक पहल सुशासन को एक अलग स्तर प्रदान करेंगी।

‘मेरी सरकार’ आप सभी को सुशासन दिवस पर ई-शुभकामना सन्देश बनाने हेतु आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आमंत्रित करती है।

प्रविष्टि भेजने की अंतिम तिथि 18 दिसम्बर 2014 है।

विषय: ई-शासन द्वारा सुशासन

तीन सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा:

1. पहला पुरस्कार - रु.10,000/-
2. दूसरा पुरस्कार – रु.5,000/-
3. तीसरा पुरस्कार – रु.2,500/-

नियम एवं शर्तें

1. प्रविष्टि पोर्ट्रेट लेआउट में 10 X 12 सेमी के आकार की होनी चाहिए। किसी भी अलग आकार और लेआउट में प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ स्वीकार्य नहीं होंगी।

2. जांच समिति द्वारा चयनित प्रविष्टियों को पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा।

3. केवल 5 बेहतरीन प्रविष्टियों को पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा।

4. प्रविष्टि प्रतिभागी का मूल कार्य होना चाहिए। पहले से उपलब्ध प्रविष्टियाँ भेजने वाले प्रतिभागी को भविष्य में होने वाली प्रतियोगिताओं में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

5. सर्वश्रेष्ट तीन प्रविष्टियों को दिल्ली में 25 दिसम्बर 2014 को सुशासन दिवस के उपलक्ष पर माननीय मंत्री श्री रविशंकर प्रसाद जी द्वारा नकद पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

6. राष्ट्रीय ई-शासन प्रभाग, डीईआईटीवाई द्वारा विजेताओं का यात्रा खर्च (दोनों पक्षों के लिए थर्ड एसी) उठाया जाएगा।

7. कॉपीराइट के अनुसार प्रविष्टि प्रतिभागी की संपत्ति रहेगी परन्तु इस प्रतियोगिता में प्रतिभागी द्वारा भेजी गई प्रविष्टि एनईजीडी की अनुमति और सहमती के साथ, बिना मुआवजे के , प्रयोग करने, प्रिंट, प्रकाशित ,प्रसारित, वितरण ,बिक्री, प्रदर्शन के लिए और प्रविष्टि भेजने वाले का नाम, शहर का नाम और राज्य का नाम संपादन के लिए , विज्ञापन, वाणिज्यिक और प्रचार प्रयोजनों से अभी या बाद में किसी भी माध्यम द्वारा विश्व भर में प्रयोग किया जा सकता है।

अस्वीकरण: जांच समिति द्वारा प्रविष्टियों की मौलिकता की जांच करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा हालाँकि “मेरी सरकार” , एनईजीडी और “ई-शुभकामना सन्देश पोर्टल” किसी भी अमौलिक कार्य के लिए ज़िम्मेदार नहीं होंगे।

कार्य के मॉडरेटर:

नितिन सलूजा,
सलाहकार, सोशल माडिया एंड सिटीजन इंगेजमेंट
इलेक्ट्रोनिक और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग
ई-मेल: nitin@negp.gov.in

स्थायी समिति:

1 विनय ठाकुर, निदेशक एनईजीडी
2 सुनील शर्मा, सीनियर जनरल मेनेजर
3 वशिमा शुभा, वरिष्ठ सलाहकार,एनईजीडी
4 बनाली मुखर्जी, वरिष्ठ सलाहकार, एनईजीडी
5 नितिन सलूजा सलाहकार, एनईजीडी

इस कार्य के लिए प्राप्त हुई प्रविष्टियाँ
267
कुल
263
स्वीकृत
4
समीक्षाधीन
फिर से कायम कर देना
263 सबमिशन दिखा रहा है
Samarendra Kumar Basa
Samarendra Kumar Basa 11 साल 7 महीने पहले
The recent upsurge in civil society movements against corruption, followed by a widespread media dissection of the government decisions and expenditure is reflective of an increasingly aware India. The implementation of a Right to Information (RTI) Act has been a commendable milestone for the government when it comes to accessibility of data/information. However, there are still challenges to be overcome for it to become more effective with regard to monitoring accountability. The next step is t