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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 जनवरी 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 30 जनवरी 2022 को मन की बात सुनने के लिए, जुड़े रहे!

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Comments closed for this talk.
kaushalkurre
kaushalkurre 4 years 7 months ago
प्रिय प्रधानमंत्री जी नमस्कार प्रधानमंत्री जी आप तो जानते है पूरी दुनिया की हालत इस परिस्थिति मे हम धीरे धीरे पानी की कमी की ओर बढ़ते चले जा रहे है ! एक तरफ महामारी दूसरी तरफ जल का स्तर नीचे जाना आने वाले समय बहुत चुनौती वाला होगा खास कर पीने के पानी के लिए । आदरणीय प्रधानमंत्री जी मैं आपके मध्यम से ये जानने की जिज्ञासा रखता हु, जो हमारे पुरखों ने गांव, नगर,में जो जल का स्रोत बनाए है जैसे तालाब, कुंआ,छोटी छोटी डबरी( तालाब), इसको विकास के नाम पर खतम किया जा रहा है । जिसके कारण जल स्तर काफी नीचे चला जा रहा है। महोदय आपको नहीं लगता इन्हे बचाया जाना चाहिए, हम चाहे तो जलाशय का शौंदरीकरण कर पार्क ,झूले, बोट,और मछली पालन कर लाभ लिया जा सकता है । कई लोगो को रोजगार मिल सकता है ,आम जनता को पानी के साथ ही सुबह शाम टहलने और एक अच्छा वातावरण दिया जा सकता है । तालाबों के किनारे पौधे लगाए जा सकते है जिससे नगरों में अच्छा वातावरण बन सकता है। महोदय योजनाएं सरकार का है मगर बात वही हुआ अपने घर के साधन बचा नहीं पाए और बाहर से जुगाड में लगे है । नमस्कार
N Ravikumar yadav
N Ravikumar yadav 4 years 7 months ago
good morning pm Narendra modhi sir I'm from Andhra Pradesh state kurnool venkataramanacolony ,our india is great location and historical place in world please , please improve our india culture ,approve the India vissa and passport sarvice start
Swapnil Pandey
Swapnil Pandey 4 years 7 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी दिव्यांगों को पदोन्नति में आरक्षण के लिए राज्य सरकारों को भी निर्देशित करने की असीम कृपा कीजियेगा ताकि केंद्र की तरह राज्यो के दिव्यांगों को समुचित अवसर प्राप्त हो और उनका सर्वांगीण विकास हो सके।जय हिंद जय भारत🙏🏼
Vivek Dubey
Vivek Dubey 4 years 7 months ago
नमस्कार ! मा. प्रधानमंत्री मोदी साहेब. तुमच्याकडून राष्ट्र बलाढ्य करण्यासाठी ज्या पध्दतीने तुम्ही काम करत आहात त्यासाठी आपणांस मानाचा मुजरा. परंतु मोदीसाहेब राष्ट्रपोत निर्माणासाठी गेली ६० वर्षे झटणार्‍या माझगांव डाॅक मधील कामगार- कर्मचार्‍यांची आज दयनीय अवस्था आहे. गेली १०-१२ वर्षे नोकरी करुनही कामगारांना कायमस्वरुपी सेवेत रुजू केले जात नाही. करार संपला की १-१ वर्ष उपासमारीची वेळ आमच्या तरुणपीढीवर येते. आज कर्मचार्‍यांची वये उलटून गेली आहेत बाहेर कुठे नोकरी मिळत नाही. परिवाराची उपासमार होत आहे. कित्येकांनी आत्महत्या केल्या आणि काही कामगार हा आत्महत्येस प्रवृत्त होत आहे.. मा. मोदीसाहेब आमची अपेक्षा फार मोठी नाही. पण कामगार टिकला तर राष्ट्र टिकेल. हि भावना आपण जाणून आहात त्यामुळे राष्ट्रपोत निर्माणासाठी दिवसरात्रं रक्ताचे पाणी करुन काम करणार्‍या कामगार वर्गाला न्याय मिळवून द्यावा. हि आपणांस नम्र विनंती ! जय हिंद ! जयतु जयतु हिंंदु राष्ट्रं !
catherine fernandes
catherine fernandes 4 years 7 months ago
Why is only 0.7% of the GDP of the country devoted to research facilities? Why do students prefer higher studies and carrying out research abroad rather than in India? The government funded researches are neither accessibly evident nor a source of data, yet the government calls India as the giver of science. Why is the government not investing in R&D ? why are research facilities not provided to the young minds who are awaiting for opportunities in foreign countries thereby leading to brain drain?
catherine fernandes
catherine fernandes 4 years 7 months ago
Why is only 0.7% of the GDP of the country devoted to research facilities? Why do students prefer higher studies and carrying out research abroad rather than in India? The government funded researches are neither accessibly evident nor a source of data, yet the government calls India as the giver of science. Why is the government not investing in R&D ? why are research facilities not provided to the young minds who are awaiting for opportunities in foreign countries thereby leading to brain drain?
RahulChouhan
RahulChouhan 4 years 7 months ago
नमस्कार महोदयजी, महोदयजी आज देश विकास की चरम सीमा की ओर अग्रसर है, परन्तु डाकघर कितने प्राचीन समय से चले आ रहे है, परन्तु ग्रामीण डाकघर की तरक्की वहीं की वहीं रुकी हुई है। न तो ऑफिस का विकास हुआ है, और न ही ग्रामीण डाक सेवक का विकास हुआ। आज भी ग्रामीण डाक सेवक बहुत ही कम मासिक वेतन में ही काम कर रहे है, उन्हें आशा है , आप ने जिस तरह से धारा-370 हटाई , अयोध्या में राममंदिर के निर्माण को सुनिश्चित करवाया ठीक उसी प्रकार आप अंग्रेजो के जमाने से लगा हुआ । ग्रामीण डाक सेवकों के काम पर लगा हुआ रूल 3(A) को भी समाप्त करोगे । ऐसा प्रत्येक ग्रामीण डाक सेवक आपसे आशा रखता है। निवेदक समस्त ग्रामीण डाकसेवक
KAPIL KUMAR UPADHYAY
KAPIL KUMAR UPADHYAY 4 years 7 months ago
आदरणीय बाबूजी को प्रणाम मैं कपिल उपाध्याय अलीगढ़ जिले के गोविंद पुर फगोई गांव से हूं। मैं और मेरा परिवार कई सालों से गांव के ही बच्चों को घर में ही शिक्षा दे रहे हैं। आपने जो इस कोरोना काल में पूरे देश को जो एक ही हाथ से सादे रखा , उसकी जितनी प्रशंसा की जाए उतनी ही कम है। हम ऐसे प्रधानमंत्री को कभी भी नहीं खोना चाहेंगे। लेकिन बाबूजी गांव के बच्चों को ओनलाइन क्लास में बहुत ही समस्या होती है, क्योंकि बाबूजी हमारे तरफ इन नेटवर्क की बहुत बड़ी समस्या है।