Vineeta Kumari
9 years 1 month ago
आदरनीय प्रधानमंत्रीजी, प्रणाम| मैं देश के किसानों के लिएअपने विचार आपके समक्ष रखना चाहती हूँ।जिस प्रकार जनजातियों को निजीव्यापारियों के शोषण से बचाने वउनके उत्पादों केयथोचित मूल्यों की प्राप्ती के लिये जिसTRIFEDनामक संस्था का गठन किया गया था,आज अगर इसी प्रकार की संस्था का गठन देश के सभी बलाॅकों में किसानों के लिए किए जाय तो काफी हद तकउनकी समस्यायें दूर हो सकती है।जबउन्हें उनकी फसलों का उनकी लागत के अनुसार उचित मूल्य मिलने लगेंगे तो अपनेआप ही उनमें असंतोष व आत्महत्या की भावना समाप्त होने लगेंगी|
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