Santosh Kumar Mishra
8 years 3 months ago
ग्रेगोरियन कैलेंडर के प्रभाव में आने से पहले एक साल ३०४ दिनों का और दस महीने का हुआ करता था। फिर जब पता चला की करीब ३६५ दिन में पृथ्वी सूरज के एक चक्कर लगता है और उतने दिनों में चंद्रमा पृथ्वी के १२ चक्कर लगा लेता है तो एक साल ३६५ दिनों का बनाया गया और एक साल में बारह महीने हुए।
जब साल के अंत तक चंद्रमा अपने तेरहवे चक्कर का एक-तिहाई से भी ज्यादा भाग पूरा कर चूका होता है और जब एक साल में तेरह महीने के संकल्पना से पूरे साल के कैलेंडर की जरूरत ही खत्म हो जाती है तो क्यों ना इसे ही अपनाया जाये।
Like
(2)
Dislike
(0)
Reply
Report Spam