BhagyendraBahadurbhaiPatel
3 years 2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी, यह ऐतिहासिक यादगार है कि 2014 में 2 अक्टूबर को आपकी अगुवाई में 'स्वच्छता अभियान' आरम्भ हुआ और 3 अक्टूबर को 'मन की बात' आरम्भ हुआ. संयोग से ये दोनों कार्यक्रम स्वच्छता के विषय में दोहरे प्रभावी कदम सिद्ध हुए - एक से लोग तन की व दूसरे से मन की सच्चाई यानी सफाई के प्रति प्रेरित हुए. 'मन की बात' शताब्दी कार्यक्रम पर सादर अभिनन्दन. मैं दक्षिण गुजरात में 1922 के 'देवी आंदोलन' की बात साझा करना चाहता हूँ जो उस समय में जीवन के प्रति बेपरवाह लोगों को जागरूक करने में बहुत प्रभावशाली रहा और आदिवासियों में क्रांतिकारी सामाजिक सुधार लाया था. 9 नवम्बर 1922 को व्यारा क्षेत्र में सल्ला देवी (सलाह माता) का प्राकट्य हुआ जिसका जिन्होंने अनुभव किया वे 'भगत' लोग देवी की सलाह से लोगों को शाकाहारी बनाने और स्वच्छता के प्रति अग्रसर करने लगे. यह शांतिपूर्ण आस्थायुक्त 'सुधारक' आंदोलन था जिसमें मेरे नाना दुलाभाई वैरागीभाई पटेल आजीवन (1981 तक) संलग्न रहे थे. हमारे गाँव भीनार (ता. वांसदा) में सल्ला माता, जिसे स्वच्छता देवी भी कह सकते हैं, का मंदिर है.
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