Rishikesh Kumar Singh
3 years 3 months ago
भारत में जितने भी प्रकार के खेल संघ हैं उनके अनुदान कहां से आते हैं तथा अगर वह अनुदानित है तो खिलाड़ियों से पैसे लेकर रजिस्ट्रेशन क्यों किया जाता है तथा अगर खेल संघ अनुदानित है तो खिलाड़ियों को कहीं भी आने-जाने में उनका खुद का पैसा क्यों लगता है तथा उन्हें खुद जर्सी क्यों खरीदनी पड़ती है उन्हें खुद जूता क्यों खरीदना पड़ता है यह मैं राज्य स्तर की बात कर रहा हूं।
एक खिलाड़ी होने के नाते मैं बताना चाहता हूं कि राज्य स्तर पर खिलाड़ियों को कोई सुविधा नहीं मिल पाती है जो किसी तरह से राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच पाते हैं उनकी तो खूब वाहवाही होती है लेकिन राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को मजदूरी करने के लिए विवश होना पड़ता है
यदि सरकार खेल को बढ़ावा देना चाहती है तो इसके लिए जमीनी स्तर से कार्य करना होगा खेल शिक्षकों की जरूरत मध्य विद्यालयों में है लेकिन खेल शिक्षकों को उच्च विद्यालयों में दिया गया है और उनके लिए खेल की घंटी भी नहीं दी गई है समय-समय पर आयोजन भी नहीं होते हैं मौसम का हवाला देकर के कार्यक्रम रद्द कर दिए जाते हैं जमीनी स्तर पर कार्य होगा तो ही अच्छे खिलाड़ी निकलेंगे
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