vunnavalalita
2 years 11 months ago
आदरणीय प्रधान मंत्रीजी नमस्ते,
हमारे पूर्वजो ने अपना तन,मन,धन देश की आजादी के लिये न्यौछावर करते थे पर आज परिस्थितीयाॅ बदल गई है। आज तन,मन,धन, अपने स्वार्थ के लिये के लिये करते है।विद्यार्थी महीनो से अपनी परिक्षा की तैयारी अपनी उच्च शिक्षा या नौकरी के लिये प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते है,पर हमारे नेता अपनी पांच साल की नौकरी के लिये धन न्यौछावर करते है। बेरोजगार जब नौकरी के लिये जाते है तो उससे योग्यता और अनुभव प्रमाण पत्र की माॅग की जाती है।
नेता की नौकरी के लिये न योग्यता की जरूरत है और न अनुभव प्रमाण पत्र की जरूरत है। सिर्फ धन या पारिवारिक अनुभव की जरूरत है।
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