Ashakaran samota
1 year 8 months ago
माननीय प्रधानमंत्री महोदय,प्रणाम
मैं एक ग्रहणी हूं। आपने मोटे अनाज के बारे मे बहुत बार चर्चा की है तथा गत वर्ष माननीय उपराष्ट्र पति द्वारा बाड़मेर मे बाजरा अनुसंधान केंद्र की नींव रखी गई उस समय वहां के अधिकारियों ने कहा कि वो बाजरे के आटे को खट्टा होने से बचाने के लिए प्रयोग कर रहे है क्योंकि बाजरा का आटा सामान्यता 4 से 5 दिन मे ही खट्टा हो जाता है और खाने योग्य नहीं रहता। श्रीमान वो खबर मैने पढ़ी तो मैने सोचा कि मैं किसान परिवार से हू क्यों ना इस पर काम किया जाए क्योंकि बाजरे के आटे की घर मे रोटी और खड़ी बनाई जाती थी। तो मैने पति के सहयोग से इस पर कई प्रयोग किए और मेरा एक प्रयोग सफल रहा जिसमें मैंने बाजरे के दानों को एक निश्चित तापमान पर गर्म किया।इस बाजरे से तैयार आटा महीने भर तक खराब नहीं होता।इससे मैने मिठाई,नमकीन,पापड़, मंगौड़ी व पॉपकॉर्न बनाए तथा अन्य महिलाओं को भी इसकी जानकारी दे रही हूं। क्योंकि इसमें आयरन की मात्रा भरपूर होती है इसलिए महिलाओं के लिए इसका सेवन फायदेमंद रहता है।
सरोज देवी
खंडेला,सीकर(राजस्थान)
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