Prashantkumar
1 year 4 months ago
सरकार को 12वीं की बाद एक ट्यूशन, कोचिंग चलनी चाहिए जो व्यक्ति को उसके प्रतिभा के आधार पर उसके क्षेत्र की जॉब या बिजनेस में जाएं । जिससे हमें प्रतिभाशाली और अच्छे बिजनेस और उस क्षेत्र के दिग्गज व्यक्ति मिलेंगे भविष्य में व्यक्तिगत मूल्यांकनः सबसे पहले, हर छात्र का एक विस्तृत मूल्यांकन होना चाहिए। इसमें उनकी रुचि, कौशल, और जुनून को समझने के लिए टेस्ट, साक्षात्कार और काउंसलिंग सेशन आयोजित किए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई छात्र अगर कला में रुचि रखता है, तो उसे इंजीनियरिंग या मेडिकल की ओर धकेलने के बजाय कला से जुड़े करियर की राह दिखाई जाए।
2. कस्टमाइज़्ड करियर गाइडेंसः इस कोचिंग का मुख्य उद्देश्य यह होना चाहिए कि छात्र को उसके जुनून (passion) के अनुसार पढ़ाई और करियर का रास्ता सुझाया जाए।
3. व्यावहारिक प्रशिक्षणः पढ़ाई के साथ-साथ प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जानी चाहिए ताकि छात्र अपनी प्रतिभा को निखार सके। मिसाल के तौर पर, अगर कोई खेल में अच्छा है, तो उसे कोचिंग के साथ-साथ खेल अकादमी में प्रशिक्षण की सुविधा मिले।
. लंबे समय का लाभः ऐसी कोचिंग से छात्र न सिर्फ अपनी पसंद का तरिरार पाएं
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