Home | MyGov

Accessibility
Accessibility Tools
Color Adjustment
Text Size
Navigation Adjustment
Screen Reader iconScreen Reader

Tune in to 121st Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th April 2025

Tune in to 121st Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 27th April 2025

Read
Comments closed for this talk.
ShantanuKumar
ShantanuKumar 1 year 2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी, सादर निवेदन है कि आजकल कुछ राजनीतिक दल जातिगत जनगणना को अपना मुख्य एजेंडा बना रहे हैं और "जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" जैसे नारों का प्रयोग कर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। यह एक गहरा षड्यंत्र है जो सोच-समझकर लागू किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल हो गया तो भविष्य में धर्म आधारित हिस्सेदारी की भी मांग उठेगी, जिससे कुछ विशेष समुदाय जनसंख्या वृद्धि को हथियार बनाकर अपने लाभ हेतु प्रयोग करेंगे। इससे देश में जनसंख्या विस्फोट और सामाजिक असंतुलन की स्थिति बन जाएगी, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत कठिन होगा। अतः आपसे निवेदन है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ऐसे विभाजनकारी विचारों और नीतियों पर रोक लगाई जाए ताकि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनी रहे। आपका एक दृढ़ निर्णय देश के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है।
MAth
MAth 1 year 2 months ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी , मैं पिछले कुछ दिनों से लिखने का विचार टाल रही थी परंतु अब नही । सत्य यही है कि हमारी सरकारी हेल्थ व्यवस्था दयनीय है व प्राइवेट सेक्टर में बहुतांश बड़े अस्पताल बिज़नेस के रूप में ही चलाए जाते है ।एक प्रोफेशनल सर्विस के रूप में चलाए जाने वाले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बहुत ही गिने चूने है । ऐसी परिस्थिति में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल से संबंधित घटना में उसे बीजेपी सहित राजनैतिक पार्टिया व मीडिया जिस तरह से टारगेट कर रहा है , वह बहुत निराशाजनक है। पुणे एवं उसके आसपास के मिडल क्लास / निम्न मध्यम वर्ग व निम्न वर्ग के वो लोग जो सरकारी फ्री की योजनाओं व राजनेताओं की चाटुकारिता की जगह मेहनत से पेट व परिवार चलाते हैं उनका बहुत बड़ा सहारा है । ( मृत महिला के पति व परिवार , उसके पति जिस बीजेपी MLC के यहाँ काम करते हैं उनका रोल व आईवीएफ सेंटर व दूसरे अस्पताल के बारे में मीडिया व राजनैतिक पार्टियां की चुप्पी आश्चर्य जनक है ) महाराष्ट्र सरकार का व बीजेपी का व्यवहार बहुत खिन्न कर रहा है । मैं अपनी भावनाएं व्यक्त कर सकी उसके लिए धन्यवाद । नमस्कार
Prince Kurmi
Prince Kurmi 1 year 2 months ago
Man niy pradhan mantri ji aapka sankalp hai ki 2047 tak bharat ko viksit Desh banane ka lekin me aapko guarantee ke sath kehta hu ki hamara desh 2087 tak bhi ek viksit Desh nahi ban sakta kyu ham abhi bhi angrejo ke gulam hai ham gulam hai english ke . Hamari rastra bhasa hindi hai lekin sir naam ki hai kyuki hame to English me padhna hai chahe hame samjh aaye ya nahi . Hamare logo me basic civic sense hi nahi hai . Neta ka beta gunda girdi karta hai koi basic rules ko bhi follow nahi karta . Hamara constitution sir naam ka hai jaha rapist ko fansi milni chahiye waha usko sirf jail hoti hai wo bhi kuch saal ki . Hamare desh me sab bata hua hai koi ek nahi hai hamare desh me anpadh aadmi bhi neta ban jata hai . Har din rapes ki khabar sunne ko milti hai matlab desh hai ki ye kya hai freedom of speech hai to koi kuch bhi bol jata hai . We are not digital India we are digital user aur ham hamesa gulam hi rahenge hamara kuch nahi ho sakta ham gulam hi thik the . Jai hind
Daman Dev Sood
Daman Dev Sood 1 year 2 months ago
I recently visited Khajjiar and Dalhousie in Himachal. The beauty was lost due to massive traffic jams. I suggest removing all roadside parking and building dedicated, paid parking lots even 1–2 km away from tourist spots. No parking on roads—only with advance booking proof. Limit visitor numbers and make trips planned, not random. Else, tourists (including elderly and kids) face frustration, pollution increases, and emergency vehicles like ambulances get stuck. In case of natural disasters like floods or cloudbursts, traffic jams can turn deadly and halt rescue. I know these changes may cause short-term discomfort, but they will boost safety, tourism experience, and state revenue. This issue isn’t limited to Himachal—it applies to all hill stations. A strong message from you can inspire timely action. Action is due from local authorities, but a message from you will force them to take action.
ANSHU MAN SINGH
ANSHU MAN SINGH 1 year 2 months ago
आज हमारे देश में एचआईवी से पीड़ित लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है। और वह समाज तथा अपनी नजरों में गिरे हुए महसूस कर रहे हैं तथा वह दब कर रह रहे हैं। उनके साथ हास्पिटल में भेदभाव हो रहा है। मैं आपसे अपील करता हूं कि एचआईवी की कोई वैक्सीन जल्दी से जल्दी लाये जिससे कि इस बीमारी को खत्म किया जा सके । जिससे कि हमारा प्यारा भारत 2030 तक एड्स मुक्त भारत बन जायें।
MAth
MAth 1 year 2 months ago
आदरणीय प्रधानमंत्री जी , मैं पिछले कुछ दिनों से लिखने का विचार टाल रही थी परंतु अब नही । सत्य यही है कि हमारी सरकारी हेल्थ व्यवस्था दयनीय है व प्राइवेट सेक्टर में बहुतांश बड़े अस्पताल बिज़नेस के रूप में ही चलाए जाते है एक प्रोफेशनल सर्विस के रूप में चलाए जाने वाले सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बहुत ही गिने चूने है । ऐसी परिस्थिति में पुणे में दीनानाथ मंगेशकर हॉस्पिटल से संबंधित घटना में उसे बीजेपी सहित राजनैतिक पार्टिया व मीडिया जिस तरह से टारगेट कर रहा है , वह बहुत निराश करनेवाला है । पुणे एवं उसके आसपास के मिडल क्लास / निम्न मध्यम वर्ग व निम्न वर्ग के वो लोग जो सरकारी फ्री की योजनाओं व राजनेताओं की चाटुकारिता की जगह मेहनत से पेट व परिवार चलाते हैं उनका बहुत बड़ा सहारा है । ( मृत महिला के पति व परिवार , उसके पति जिस बीजेपी MLC के यहाँ काम करते हैं उनका रोल व आईवीएफ सेंटर व दूसरे अस्पताल के बारे में मीडिया व राजनैतिक पार्टियां की चुप्पी आश्चर्यजनक है )।महाराष्ट्र सरकार का व बीजेपी का व्यवहार बहुत खिन्न कर रहा है । मैं यहाँअपनी भावनाएं व्यक्त कर सकी उसके लिए धन्यवाद ।
Arun Tomar
Arun Tomar 1 year 2 months ago
महोदय, युवाओं को सुधारवादी विचारों को फैलाने के लिए युवा संगठन बनाने का सुझाव देना चाहिए। उन्हें सामाजिक कार्यों जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण, में सक्रिय भागीदारी करने के लिए आमंत्रित करना चाहिए । कालेज और विश्वविद्यालयों को इसके लिए अपने विद्यार्थियों को उचित सहयोग करना चाहिए। विभिन्न धर्मों के युवाओं से जाति, लिंग और वर्ग के आधार पर भेदभाव को खत्म करने के अपील करनी चाहिए। अपने-अपने धर्मों में निहित बुराईयों पर चर्चा के लिए सेमिनार, संगोष्ठियों व अन्य ओनलाइन माध्यम से एक प्लेटफार्म देना चाहिए।इससे समानता का अध्याय शुरु हो सकता है ।
Arun Tomar
Arun Tomar 1 year 2 months ago
महोदय, लोगों को पंछियों के लिए दाना- पानी रखने का आग्रह करना चाहिए। छोटे पेड़-पौधों की देखरेख को कहना चाहिए ।।
Arun Tomar
Arun Tomar 1 year 2 months ago
आदरणीय महोदय, अरब देशों और चीन की तरह भारत के रेगिस्तान में भी व्यापक स्तर से पेड़ों को लगाना चाहिए। ड्रिप इरिगेशन, सोलर-पावर्ड वाटर पंप, और मृदा सुधार के लिए अरब देशों और चीन के मॉडल से हमें तकनीक लेकर और सुधार करना चाहिए ‌। वहां वृक्षारोपण से फल, लकड़ी, और अन्य उत्पाद के साधन आय के साधन हो सकते है।