ShantanuKumar
1 year 2 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी,
सादर निवेदन है कि आजकल कुछ राजनीतिक दल जातिगत जनगणना को अपना मुख्य एजेंडा बना रहे हैं और "जिसकी जितनी भागीदारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी" जैसे नारों का प्रयोग कर समाज को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। यह एक गहरा षड्यंत्र है जो सोच-समझकर लागू किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल हो गया तो भविष्य में धर्म आधारित हिस्सेदारी की भी मांग उठेगी, जिससे कुछ विशेष समुदाय जनसंख्या वृद्धि को हथियार बनाकर अपने लाभ हेतु प्रयोग करेंगे। इससे देश में जनसंख्या विस्फोट और सामाजिक असंतुलन की स्थिति बन जाएगी, जिसे नियंत्रित करना अत्यंत कठिन होगा। अतः आपसे निवेदन है कि इस विषय को गंभीरता से लेते हुए ऐसे विभाजनकारी विचारों और नीतियों पर रोक लगाई जाए ताकि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता बनी रहे। आपका एक दृढ़ निर्णय देश के भविष्य को सुरक्षित कर सकता है।
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