सविनय निवेदन है कि मेरा नाम अजीत कुमार S/o राकेश कुमार है जो की में नया नया गांव मोहाली का निवासी हूँ मैं मेरे साथ हुई आनलाइन धोकेबाज़ी को आपको सुचित करना चाहता हूँ। आनलाईन धोखेबाजी में मेरे से नकली Profile बनाके मुझसे 1000000/- की धोखेबाजी की गई ये पैसा मुझसे दोगुना करके देने के लिए अलग-अलग Online Platform में Invest करने को बोला गया कई बार मैंने इसको बन्द करने के लिए बोला की मै Invest नहीं करना Online Platform चाहता पर उन्होने मेरे ऊपर दवाब डालकर और पैसा लगवाया जब भी कभी इनको ये सब बन्द करने के बोलता था तो मुझे Blackmail किया जाता था की तुम्हारे Family (माता-पिता) को बता देंगे या रिश्तेदार में बात फैलाकर तुम्हें बदनाम कर देंगे जिस के कारण इस समूह के चन्गुल में फसता चला गया इसी वजह से मैने अपनी माता-पिता की जमा पुंजी भी गंवा दी इस समूह का विवरण मैं आगे कर रहा हूँश्रीमान/श्रीमती इस Online धोकेबाज़ी के कारण मेरा मानसिक संतुलन खराब हो चुका है इस वजह से में Depression की बीमारी का शिकार हो चुका हूँ ये Online Platform वाले CALL/MSG करके मुझे और पैसा डालने के लिए दवाब डाल रहे है
Respected Sir
Regards
I am Smt Shefali Chakraborty Widow/o Lt Birendra Nath Chakraborty MCPO II, 86108A. I read about the details regarding Yudh Samman yojana for only the short commissioned officers and those who don't draw any pension.
In my opinion this is not fair enough. My husband participated in 1965 and 1971 Indo Pak wars. He was in Indian Navy. When it's war all fight with equal courage. He has decorations like Sangram medal, Samar Medal and Paschimi Star.
Yes I get pension. I don't have any savings except the pension. I had a son who passed away on 02 May 2025. I get a pension of approximately 31000.00. As I am 77 years old and cannot stay alone. I need 15000 for a person who stays with me at night and also has dinner.
If all war veterans with the required medals don't get the Yudh Samman Yojana money, then what remains the difference between these war veterans and who did not participate in any such war?? GOI to give the prestigious honour all war veterans.
Namaste
माननीय प्रधानमन्त्री जी के आह्वान एक पेड़ मां के नाम 2.0 से प्रेरित होकर जनपद मेरठ के ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायतों में एक लाख पौधौ को सुरक्षा प्रदान कर दस ग्राम वन रोपित किए गए हैं।
माँ पन्नाधाय शौर्य वन: ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित। बेल पत्थर का बाग:- देश का प्रथम ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित शौर्य वन जिसका नाम सनातन की रक्षा हेतु अपने पुत्र चंदन का बलिदान देने वाली माँ पन्नाधाय के नाम पर रखा गया है। जिसमें लगभग 3500 फलीय पौधे रोपित किए गए हैं।
सेब का बाग: झारखंडी महादेव मंदिर को समर्पित ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायत आसिफाबाद में वहां के प्राचीन शिव मंदिर झारखंडी महादेव मंदिर के नाम से उत्तर प्रदेश का प्रथम सेब का बाग रोपित किया गया है। जिसकी फेंसिंग द्वारा सुरक्षा की गई है तथा सिंचाई का समुचित प्रबंधन किया गया है।
लीची का बाग: गंगा वाटिका ग्राम पंचायत अगवानपुर मे गंगा किनारे स्थित ग्राम कुंडा में गंगा वाटिका के रूप में एक लीची का बाग रोपित किया गया है जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा।
माननीय प्रधानमन्त्री जी के आह्वान एक पेड़ मां के नाम 2.0 से प्रेरित होकर जनपद मेरठ के ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायतों में एक लाख पौधौ को सुरक्षा प्रदान कर दस ग्राम वन रोपित किए गए हैं।
माँ पन्नाधाय शौर्य वन: ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित। बेल पत्थर का बाग:- देश का प्रथम ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित शौर्य वन जिसका नाम सनातन की रक्षा हेतु अपने पुत्र चंदन का बलिदान देने वाली माँ पन्नाधाय के नाम पर रखा गया है। जिसमें लगभग 3500 फलीय पौधे रोपित किए गए हैं।
सेब का बाग: झारखंडी महादेव मंदिर को समर्पित ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायत आसिफाबाद में वहां के प्राचीन शिव मंदिर झारखंडी महादेव मंदिर के नाम से उत्तर प्रदेश का प्रथम सेब का बाग रोपित किया गया है। जिसकी फेंसिंग द्वारा सुरक्षा की गई है तथा सिंचाई का समुचित प्रबंधन किया गया है।
लीची का बाग: गंगा वाटिका ग्राम पंचायत अगवानपुर मे गंगा किनारे स्थित ग्राम कुंडा में गंगा वाटिका के रूप में एक लीची का बाग रोपित किया गया है जो पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्राम पंचायत को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करेगा।
माननीय प्रधानमन्त्री जी के आह्वान एक पेड़ मां के नाम 2.0 से प्रेरित होकर जनपद मेरठ के ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायतों में एक लाख पौधौ को सुरक्षा प्रदान कर दस ग्राम वन रोपित किए गए हैं।
माँ पन्नाधाय शौर्य वन: ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित। बेल पत्थर का बाग:- देश का प्रथम ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित शौर्य वन जिसका नाम सनातन की रक्षा हेतु अपने पुत्र चंदन का बलिदान देने वाली माँ पन्नाधाय के नाम पर रखा गया है। जिसमें लगभग 3500 फलीय पौधे रोपित किए गए हैं।
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माननीय प्रधानमन्त्री जी के आह्वान एक पेड़ मां के नाम 2.0 से प्रेरित होकर जनपद मेरठ के ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायतों में एक लाख पौधौ को सुरक्षा प्रदान कर दस ग्राम वन रोपित किए गए हैं।
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माननीय प्रधानमन्त्री जी के आह्वान एक पेड़ मां के नाम 2.0 से प्रेरित होकर जनपद मेरठ के ब्लॉक परीक्षितगढ़ की ग्राम पंचायतों में एक लाख पौधौ को सुरक्षा प्रदान कर दस ग्राम वन रोपित किए गए हैं।
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माननीय प्रधानमंत्री जी एवम् शिक्षा मंत्री जी नम्र निवेदन करता हूं कि ITI को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित विचार है:-
1.जितने भी private ITI college है सभी को PPP model में बनवाना चाहिए।
2.सभी ITI college के लिए खेलों इंडिया ITI Games शुरुआत करनी चाहिए।
3.सभी ITI college को अनिवार्य रूप से NCC training करवाना चाहिए।
4.ITI को Intermediate के समकक्ष करना चाहिए।
5.सभी ITI college में Instructor CITS अनिवार्य योग्यता होनी चाहिए और वेतन भत्ते का पूरा होनी चाहिए।
6.Student और Instructor (प्रशिक्षक) को बायोमेट्रिक Attendance लगवाना चाहिए।