akshita panchal
7 months 3 weeks ago
माननीय प्रधानमंत्री जी,
मैं अक्षिता पंचाल, एक छात्रा और खिलाड़ी हूँ। जब मैं रोज़ सुबह अभ्यास के लिए बाहर जाती हूँ, तो प्रदूषित हवा के कारण सांस लेने में परेशानी महसूस होती है। स्कूलों, खेल मैदानों और सड़कों के आसपास बढ़ता प्रदूषण छात्रों और खिलाड़ियों दोनों के स्वास्थ्य को सीधे प्रभावित कर रहा है।
वायु प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा और जल प्रदूषण अब केवल पर्यावरण की समस्या नहीं रह गए हैं, बल्कि एक गंभीर स्वास्थ्य संकट बन चुके हैं। इसका प्रभाव बच्चों और युवाओं की सहनशक्ति, एकाग्रता और भविष्य के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। लोग समस्या को समझते हैं, लेकिन समाधान में अपनी भूमिका को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।
मैं आपसे विनम्र अनुरोध करती हूँ कि आप मन की बात में प्रदूषण नियंत्रण, स्वच्छ हवा, प्लास्टिक उपयोग में कमी और नागरिक जिम्मेदारी पर मार्गदर्शन दें, ताकि हम सभी मिलकर एक स्वस्थ और सतत भविष्य का निर्माण कर सकें।
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