VIKRANT SINGH GOUR
6 months 6 days ago
तालबेहट मानसरोवर झील की पुनरुद्धार यात्रा : संकल्प से स्वच्छता तक
चार वर्ष पहले एक बीज बोया गया था—सेवा का, संकल्प का और संवेदना का। बीज था छोटा, पर सपने बड़े थे। सपना यह कि अपनी धरोहर बचाएँगे, अपने जल को सहेजेंगे, और आने वाली पीढ़ियों को जीवन का सबसे अनमोल उपहार देंगे। यही सपना तालबेहट (जिला ललितपुर, बुंदेलखंड) की धरती पर धीरे-धीरे आकार लेने लगा और आज यह केवल एक अभियान नहीं, बल्कि जनांदोलन बन चुका है।
मानसरोवर की पीड़ा और पुकार
चंदेलकालीन मानसरोवर तालाब… कभी 641 एकड़ में फैला यह विशाल सरोवर बुंदेलखंड की शान था। लेकिन समय के साथ यह मानवजनित गंदगी, प्लास्टिक और लापरवाही का शिकार हो गया। तालाब सिकुड़कर 300 एकड़ रह गया था लेकिन प्रकृति रक्षकों ने निरंतर बिना किसी सरकारी मदद के स्वयं के तन मन एवं धन से उस तालाब को जीवित कर दिया आज उस तालाब का आकार 500 एकड़ में फिर से हो गया प्रत्येक रविवार 30 युवाओं की टीम बच्चे एवं 3 घंटे का श्रमदान उसकी तस्वीर बदलने के लिए बहुत है आज उस तालाब की जल गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है और मानवरहित पूजन सामग्री प्लास्टिक का भी उपचार किया है
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