AKSHAYA TIWARI
3 years 10 months ago
तीस साल की नौकरी के बाद भी आम जनता पेंशन की हकदार नहीं है जबकि विधायक और सांसद पाँच वर्षों के कार्यकाल के बाद से जीवन भर कर दाताओं के पैसे से मुफ्त की पेंशन और सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेते हैं। ये कैसा न्याय है? क्या ये सही है? क्या यह जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं है? क्या इस बात पर सोचने की जरूरत नहीं कि सांसदों और विधायकों को मिलने वाली सभी मुफ्त की सुविधाओं को बंद किया जाना चाहिए? उन्हें भी अपने मासिक वेतन से ही अपना काम करना चाहिए?
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