Home | MyGov

Accessibility
Accessibility Tools
Color Adjustment
Text Size
Navigation Adjustment
Screen Reader iconScreen Reader

Tune in to Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 25th September 2022

Tune in to Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 25th September 2022

Read
Comments closed for this talk.
AKSHAYA TIWARI
AKSHAYA TIWARI 3 years 10 months ago
तीस साल की नौकरी के बाद भी आम जनता पेंशन की हकदार नहीं है जबकि विधायक और सांसद पाँच वर्षों के कार्यकाल के बाद से जीवन भर कर दाताओं के पैसे से मुफ्त की पेंशन और सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ लेते हैं। ये कैसा न्याय है? क्या ये सही है? क्या यह जनता के पैसे का दुरुपयोग नहीं है? क्या इस बात पर सोचने की जरूरत नहीं कि सांसदों और विधायकों को मिलने वाली सभी मुफ्त की सुविधाओं को बंद किया जाना चाहिए? उन्हें भी अपने मासिक वेतन से ही अपना काम करना चाहिए?
Jagdish C bhatt
Jagdish C bhatt 3 years 10 months ago
*भारत नेपाल मैत्री सम्बन्ध को और अधिक मजबूत करने हेतु टनकपुर पंचेश्वर झूलाघाट जौलजीबी सडक मार्ग का निर्माण शीघ्र कराया जाय, और स्थानीय स्तर पर भारत नेपाल के नागरिकों को सांस्कृतिक विरासत को साझा करने , द्विपक्षीय खेल आयोजन,शिक्षा में मैत्री आवागमन हेतु सीमावर्ती इलाकों से राष्ट्रवादी लोगों को साथ लेकर भारत सरकार कार्य शुरू करें, अन्यथा चीन के बढ़ते प्रभाव से हमें सीमा सुरक्षा प्रदान करने में ही हजारों करोड़ रुपए खर्च करने पड़ेंगे स धन्यवाद आपके राष्ट्र प्रेम से प्रेरित निवेदक ई.जगदीश चन्द्र भट्ट *महासचिव भारत नेपाल मैत्री परिषद * मुख्य समन्वयक सरदार पटेल शोध एवं सेवा संस्थान (राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण पर कार्य करता एक रजि ट्रस्ट) *संस्थापक सदस्य हिल एरिया पीपुल्स फाउंडेशन ( हिमालय के पर्यावरण व जन समस्याओं के समाधान पर कार्य करता एक रजि.ट्रस्ट)
Jagdish C bhatt
Jagdish C bhatt 3 years 10 months ago
*हिमालय क्षेत्रों में आपदा राहत प्रबंधन हेतु प्रति 1000की आबादी या 5किलोमीटर में स्थानीय स्तर पर 5आदमी की उच्च प्रशिक्षित टीम हो,जो आपदा आगमन पर कुछ मिनट में ही आपदा क्षेत्र में पहुंच सकें, अन्यथा पिथौरागढ़ जैसे जिलों में आपदा उपरांत 8/10घंटे में जिले की टीम पहुंचती है और तब तक बहुत बडी जन हानि हो चुकी होती है,तब फिर पटवारी, तहसीलदार,एस डीएम, जिला अधिकारी, मंत्री, मुख्य मंत्री आदि, आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंचते हैं जिससे सरकार के बजट में अनावश्यक बोझ जरूर पड़ता है या यों कहें कि जो सिर्फ सरकारी दिखावे के अलावा कुछ भी नहीं होता,सब राहत बांटने का उपक्रम करते हैं,जिसका उदाहरण अभी सितंबर 2022 में खोतिला, धारचूला, पिथौरागढ़ में आई आपदा में भी देखा गया है, कृपया इस विषय पर अध्ययन कर अवश्य संज्ञान लें निवेदन ई.जगदीश चन्द्र भट्ट *महासचिव भारत नेपाल मैत्री परिषद * मुख्य समन्वयक सरदार पटेल शोध एवं सेवा संस्थान राष्ट्रीय संसाधनों के संरक्षण पर कार्य करता एक रजि ट्रस्ट *संस्थापक हिल एरिया पीपुल्स फाउंडेशन हिमालय के पर्यावरण,जन समस्याओं के समाधान पर कार्य करता एक रजि.ट्रस्ट
Jagdish C bhatt
Jagdish C bhatt 3 years 10 months ago
* उच्च हिमालय के क्षेत्र में आजादी के बाद आज तक जितना भी सरकारी वृक्षारोपण कार्यक्रम हुआ है उसका 0.001%,( यानि 1लाख में से 1पेड) भी नहीं दिखाई देता, आखिर जाता कहां है,यह पैसा सिर्फ यहां की महिलाएं जो गाय, भैंस पालती हैं,ये पेड़ों को अपने बच्चों से भी ज्यादा प्यार कर हर दिन एक बार अपने संभाले हुए वन में जाती हैं और देखती हैं, शायद वैज्ञानिक जगदीश चन्द्र बसु के अनुसंधान का अनेकों सदियों से पालन कर रही हों,इस पास सफाई कर उन्हें नन्हे वृक्षों को असमय लगने वाली आग से बचाती हैं, आसपास गड्ढा कर भू जल को रोकती हैं जिससे हूं संरक्षण भी साथ में हो जाता है, हमें तो लगता है कि उन्होंने ही हिमालय के पर्यावरण को बचा कर रखा हुआ है, इसके एवज में हम और हमारा राष्ट्र क्या दे रहा है इन्हें ग्रीन बोनस को इन महिलाओं के खाते में सीधे, बिना हेर फेर के कैसे डाला जाय ,यह भाजपा और मोदी सरकार की जिम्मेदारी होनी ही चाहिए, जिससे हमें वैश्विक पर्यावरण संरक्षण पर निरंतर सर्वोच्च शिखर पर बने रहें निवेदन ई.जगदीश चन्द्र भट्ट *महासचिव भारत नेपाल मैत्री परिषद * मुख्य समन्वयक सरदार पटेल शोध एवं सेवा संस्थान
HOXXXXXXIO
HOXXXXXXIO 3 years 10 months ago
आ0प्रधानमन्त्री जी सादर प्रणाम 🌹🙏 सादर अवगत कराना है कि आगरा स्मार्ट सिटी में पश्चिमपुरी चौराहा,शास्त्रीपुरम मार्ग पर ख्याति अस्पताल के सामने वाली सड़क पर जी0जी0रेजीडेंसी तक अंधेरा रहता है।जल निगम द्वारा सीवर लाईन बिझाई जाने से चिकनी मिट्टी से दुर्घटनाग्रस्त होने का डर रहता है।जनहित में मार्ग प्रकाश की व्यवस्था कराने का कष्ट करें । धन्यवाद।
HOXXXXXXIO
HOXXXXXXIO 3 years 10 months ago
मा0 प्रधान-मंत्री जी सादर प्रणाम 🌹🙏 पश्चिम उ0प्र0 के बिजनौर जनपद के नजीबाबाद के लिये एक पार्क,स्टेडियम,महिलाओं के लिये क्रिकेट, फुट बाल का ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना की जाये। केंद्रीय सैनिक स्कूल या आई0आई0 एम0 की स्थापना की जाये। पी0ए0सी0महिला बटालियन की स्थापना की जाये।उत्तराखंड की सीमा कोटद्वार,हरिद्वार से लगती है।जंक्शन स्टेशन होने के साथ मुख्य लाईन से जुड़ा हुआ है। आगरा से हरिद्वार/देहरादून/कोटद्वार के लिये सीधी एक्सप्रेस रेल वाया मुरादाबाद चलवाई जाये। जनहित में सुझाव है। विधुत वितरण मंडल का कार्यालय। धन्यवाद।
HOXXXXXXIO
HOXXXXXXIO 3 years 10 months ago
आ0प्रधानमन्त्री जी सादर प्रणाम 🌹🙏 हिंदी ही इस प्रकार की भाषा है जिसके उल्टा लिखने से बहुत अच्छे अर्थ निकलते हैं। दया का याद 2-भला का लाभ 3- खीरा का राखी 4-वायु का युवा 5-सब का बस 6-हवा का वाह 7- लता का ताल 8-नाच का चना 9- रम से मर 10-ताला का लाता 11-नाला का लाना 12- रखी का खीर 13- शक का कश 14- मरा का राम 15- चार का रचा 16-रमा का मार । हिंदी है सरल ।हिंदी है माथे की बिंदी। 🙏 हिंदी नहीं है कठिन। 🙏हिंदी को दिन-प्रतिदिन लिखें,बोलें। 🙏14 सितम्बर केवल एक दिन के लिये हिंदी न चुने।धन्यवाद।जय हिंद। राज्यों की भाषा भी प्रगति करें।
HOXXXXXXIO
HOXXXXXXIO 3 years 10 months ago
आ0प्रधानमन्त्री जी सादर प्रणाम 🌹🙏 हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनायें।हिंदी हैं हम। हिंदी है माथे की बिंदी ।हिंदी नहीं है कठिन।सहज व सरल है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अंग्रेजी भाषा में शिक्षा ग्रहण करने वाले ज्यादातर सफलता पाते हैं,राज्यों की भाषा के साथ साथ हिंदी में भी प्रतियोगिता होनी चाहिये।सिविल की परीक्षा या अन्य प्रतियोगिताओं की परीक्षा में कठोर हिंदी का प्रयोग न किया जय।राज्यों की भाषा के अनुसार ही हिंदी का अनुवाद किया जाये।हिंदी के कठिन शब्दों के कारण ही लोकप्रिय नहीं हो पाती।उ0प्र0 में हिंदी राज्य की भाषा भी है।
BIJUNINAN
BIJUNINAN 3 years 10 months ago
In India, for house construction, many trees are cut and that much land is converted into a graveyard for the mother earth by way of covering the area with concrete cement blocks. Thus the spacious land which could have been utilized for human welfare are extinguished once and for all. Even if it is necessitated to construct a house in a parcel of land, why can’t be think about constructing many homes above that space in the form of an apartment. For a 1000 sq home, at least five trees remained in that space are cut and removed or that much land utilizable for farming are eliminated. . It is estimated that 10 million houses are built in India annually and it is hard to think about the intensity of devastation of trees or farming land. This will lead to face severe food crisis and climate issues which is not apposite for India boasting to be a developed country in 2047. So high rise aparments are the solution to accommodate many families in a limited space for saving our land.