Charudatta Mahesh Thorat
3 years 4 months ago
प्रधानमंत्री जी,
पाणी गंदा हो जाता है तो इनसान ने जल की शुद्धी का यंत्र बनाया | खाने-पिने से लेकर, घर या बाहर के हर किसी ना किसी कामों में, तथा पढनां-लिखना हो, मनोरंजन हो, या जीवन के हर अपेक्षाओं में, जीवन के हर पहलू में किसी ना किसी " यंत्र " का समावेश आज इनसान कर रहा है |" यंत्र " का इस्तेमाल करते करते,
मणुष्य खुद " यंत्रमानव " बन चुका है | इस "यंत्रमानव" को आप,
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के पार्श्वभूमीपर किस दृष्टीकोनसे परिभाषित करेंगे ??!!
श्री. चारुदत्त महेश थोरात,
काव्य विष्णु सदन ज्ञानमंदिर .पंचवटी.
नाशिक. महाराष्ट्र राज्य से
CHARUDATTA MAHESH THORAT
From NASHIK. Maharashtra State. 24 feb, 2023
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