shubham saini
3 years 4 months ago
सभी छावनी परिषदों को अमृत काल मे आज़ादी मिलने वाली थी जिसमे छावनी परिषदों को निकटवर्ती नगरीय निकाय में शामिल करने की प्रक्रिया सम्पूर्ण देश चल रही थी लेकिन अचानक चुनाव की घोषणा से उन लाखों छावनी निवासियों के सपनो को ठेस पहुँची है जिन्हें लग रहा था कि अब वे सभी योजनाओं का लाभ नगरीय निकाय में शामिल होने के पश्चयात ले पाएंगे ।
माननीय प्रधानमंत्री जी छावनी परिषदों में होने वाले चुनाव को त्वरित रूप से रोकने की कृपा करें जिससे छावनी परिषद में गुलामी की मानसिकता के कानूनों से चलने वाली छावनी परिषदों को समाप्त किया जा सके ।
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