prem kamboj
4 years 1 week ago
आदरणीय श्री मान,
आदरणीय श्री मान,
नमस्कार,
यदि हम शरीर की सीमा में रह कर बात करे तो बात शरीरों तक ही रह जाती है।
यदि शरीर से हट कर बात करे तो बात ब्रह्मांड में प्रभाव छोडती है। आज प्राकृतिक रोष देखा तथा अनुभव किया जा रहा है। इस रोष से बचने तथा भारत को स्वर्णिम युग में ले जाने का कोई तरीका है तो केवल ऊर्जा को संचित करना ही उपाए है। क्यों ना ऐक ऐसा प्रयत्न किया जाये कि 40 करोड़ देवपुरुष पैदा कर लिए जाएँ । मेरा ये विश्वास है कि ऐसा करने से प्राकृतिक स्थितियाँ नियंत्रण में आ जाएगी। ऐसा करने के लिए बिना भेद भाव के संत समाज की सेवाएँ ली जा सकती हैं। इस्कॉन तथा अन्य देशो में बस्ने वाले सनातन संकृति में विश्वास रखने वालों को भी समिलित किया जा सकता है।
मेरा गुरु डॉ नारायण दत्त श्रीमली प्राचीन काल का पर्गाड पंडित और प्राचीन संस्कृति से ओत प्रोत है तथा ब्रह्मांड में इस समय स्थापित है। वेदों की अर्चाओं से लिए गए मंत्र परभावी ढंग से ऊर्जा से ओत-प्रोत हैं। उनके पुत्र ये कार्य आसानी से कर सकते हैं। उनके साथ रहते मैंने बहुत कुछ सीखा।
आपका अपना
प्रेम
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