Harbans Kukreja
11 years 7 months ago
यदि खादी बिक्री केन्द्रों को एक केन्द्रीय बिलिंग प्रणाली से जोड़ दिया जाये और पहली बार ग्राहक का पैन न० लेकर उसे दर्ज कर लिया जाये I फिर हर बार की खरीद पर उसे १० से १५% की छूट दी जाये जो आयकर छूट के रूप में सीधे उसके पैन खाते में जाये I यह छूट खादी ग्रामोद्योग को दी जाने वाली सब्सिडी से ली जाये I यदि इस तरह २ करोड़ आयकर दाता प्रतिवर्ष केवल २ हजार रू की भी खरीद करते हैं तो कितने लोगों को रोजगार मिल सकता है गणना की जा सकती है I
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