SACHIN KUMAR
5 साल 4 महीने पहले
परीक्षा तो हमारे द्वारा किए गए 1 वर्ष के कार्यों की समीक्षा है जो प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा करके हमने ज्ञान अर्जित किया है उसकी कुछ चीजों की लिखित रूप देना या मौखिक रूप में देना है हां कभी-कभी हम परीक्षा को एक विशालकाय दानव के रूप में देख लेते जबकि ऐसा नहीं है वह तो हमारे भय से खुद ही डरता है यदि हमने थोड़ा-थोड़ा ही पढ़ा होया देखा हो या समझा तो हमारे ज्ञान की प्रभाव और कलम की शक्ति से वह खुद ही भाग जाएगा l
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