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समर्थनकारी समावेशी शिक्षा – बालिकाओं, अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अल्पासंख्यकों और विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा

आरंभ करने की तिथि :
Jan 22, 2015
अंतिम तिथि :
Nov 01, 2015
00:00 AM IST (GMT +5.30 Hrs)
सामाजिक पहुंच और साम्यता का मामला काफी जटिल है। हालांकि, लाभवंचित ...
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Arun Kumar Gupta
11 साल 3 महीने पहले
`विद्या का क्षेत्र सदा ही नीच-ऊँच, गरीब-अमीर, लिंग-जाति-वर्ग- सम्प्रदाय आदि भेद मूलक दूषित विधान से सर्वथा रहित और ऊपर सद्भाव, सद्विचार, सद्व्यवहार और सत्कार्यरूप विधानों से युक्त होना चाहिये ।"
"वेद, उपनिषद्, रामायण, गीता, पुराण, जैन-बौद्ध साहित्य, बाइबिल, र्कुआन, गुरुग्रन्थ साहेब आदि आदि का समन्वयवादी भाव और ज्ञान विद्यार्थियों में प्रविष्ट करना-कराना चाहिये जिसमें
विद्यार्थियों को किसी भी वर्ग-जाति-सम्प्रदाय से ऊपर उठाकर भेद रहित भाव भरना सबसे प्रमुख उद्देश्य रखना चाहिये ।"
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Arun Kumar Gupta
11 साल 3 महीने पहले
वेद, उपनिष्षद्, रामायण, गीता, पुराण बाइबिल, र्कुआन को विभिन्न भाषओं के ‘अन्तर्गत एक ही धर्म की शिक्षा-दीक्षा है’’-- ऐसा ही भाव भरना सभी के लिये अनिवार्य होना चाहिए ।
वर्ग-जाति एवं सम्प्रदाय को कुछ तुच्छ स्वार्थियों एवं संकुचित विचार धाराओं वाले नासमझ व्यक्तियों से उत्पन्न एवं संचालित समाज विरोधी कार्यों को यह घृणित कार्य है प्रभावी रूप में ऐसी मान्यता देनी दिलानी चाहिये ।
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kamalkishor
11 साल 3 महीने पहले
1. shiksha par kendra ka niyantran hona chahiye.
2. madarsoan ki shikshaneeti par theek se vichar karna chahiye.
3. rashtra ka rakshan w poshan ho eisi neeti tay ho.
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anu malhotra
11 साल 3 महीने पहले
An effort is made by madhav netra bank, ambala,Hr. to prepare recorded books for blinds.the needy may contact. the volunteers are invited to serve by recording the books. retired people could give coaching on maths and english to the vision impaired
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VINEETA SINHA
11 साल 3 महीने पहले
Developing an enabling, inclusive environment for children so that there is no discrimination of gender, caste, class, disability. School insfrastructure to be friendly for disabled, with proper safety security measures. Schemes for disadvantaged children, residential facilities with proper standards of care, per child allowances increased, positive attitudes of teachers to deal with disadvantaged children, enage with their parents to prevent dropouts, teachers to mobilise these communities
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KTSrinivasaRao
11 साल 3 महीने पहले
Wherever muslim students are admitted,there are muslim faculty members are also in the department.
They(mulsim faculty) ensure that their community students are not at loss and or discriminated with other students. Economically weaker students can be helped by means of half fee or full fee concessions and by help from LIONS club or Rotory club.
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pradeep Shah
11 साल 3 महीने पहले
As all know there is reservation category at every steps of Indian life, even the noble profession HEALTH SCIENCE education, MAHARASHTRA has 53% category reservation, above MARATWADA, VIDARBHA reservations.
This reservation category should increase to 80% to 90% & the rest for the richer class so that there are more reservation category & richer class students. the middle class to search education to other countries and serve then.
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Nepal Singh Patel
11 साल 3 महीने पहले
‘‘वेद, उपनिष्षद्, रामायण, गीता, पुराण बाइबिल, र्कुआन को विभिन्न भाषओं के ‘अन्तर्गत एक ही धर्म की शिक्षा-दीक्षा है’’-- ऐसा ही भाव भरना सभी के लिये अनिवार्य होना चाहिए ।
वर्ग-जाति एवं सम्प्रदाय को कुछ तुच्छ स्वार्थियों एवं संकुचित विचार धाराओं वाले नासमझ व्यक्तियों से उत्पन्न एवं संचालित समाज विरोधी कार्यों को यह घृणित कार्य है प्रभावी रूप में ऐसी मान्यता देनी दिलानी चाहिये ।
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Nepal Singh Patel
11 साल 3 महीने पहले
"`विद्या का क्षेत्र सदा ही नीच-ऊँच, गरीब-अमीर, लिंग-जाति-वर्ग- सम्प्रदाय आदि भेद मूलक दूषित विधान से सर्वथा रहित और ऊपर सद्भाव, सद्विचार, सद्व्यवहार और सत्कार्यरूप विधानों से युक्त होना चाहिये ।"
"वेद, उपनिषद्, रामायण, गीता, पुराण, जैन-बौद्ध साहित्य, बाइबिल, र्कुआन, गुरुग्रन्थ साहेब आदि आदि का समन्वयवादी भाव और ज्ञान विद्यार्थियों में प्रविष्ट करना-कराना चाहिये जिसमें
विद्यार्थियों को किसी भी वर्ग-जाति-सम्प्रदाय से ऊपर उठाकर भेद रहित भाव भरना सबसे प्रमुख उद्देश्य रखना चाहिये ।"
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mallika bhayana
11 साल 3 महीने पहले
Reservation should be stopped.
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