Prakash Pandit
11 साल 7 महीने पहले
स्वच्छ भारत अभियान का बहोत स्वागत है.लोग कुछतो सोचने लगे ! मै बचपनसे देख रहा हूं (५०बरस).लोग हातमे जो निरोपयोगी हो वह रास्ते पर फेंकनेमे कोई दिक्कत नही समझते| ये मानसिकता बदलनी चाहिये| कई शहरोंमे शिक्शा की व्यवस्था है लेकीन उसको अमलमे लानेकी व्यवस्था नही है|.
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