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25 अगस्त, 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के लिए भेजें अपने सुझाव

आरंभ करने की तिथि :
Aug 09, 2019
अंतिम तिथि :
Aug 24, 2019
23:45 PM IST (GMT +5.30 Hrs)
प्रस्तुतियाँ समाप्त हो चुके

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों ...

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर आपसे जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार साझा करेंगे। मन की बात कार्यक्रम के 56 वें संस्करण के लिए प्रधानमंत्री आपसे सुझाव आमंत्रित करते हैं, ताकि इस कार्यक्रम में आपके नूतन सुझावों व प्रगतिशील विचारों को शामिल किया जा सके।

'मन की बात' के आगामी संस्करण में आप जिन विषयों व मुद्दों पर प्रधानमंत्री से चर्चा सुनना चाहते हैं, उससे संबंधित अपने सुझाव व विचार भेजना न भूलें। आप अपने सुझाव इस ओपन फोरम के माध्यम से साझा कर सकते हैं अथवा हमारे टॉल फ्री नंबर 1800-11-7800 डायल करके प्रधानमंत्री के लिए अपना सन्देश हिन्दी अथवा अंग्रेजी में रिकॉर्ड करा सकते हैं। कुछ चुनिंदा संदेशों को 'मन की बात' में भी शामिल किया जा सकता है।

इसके अलावा आप 1922 पर मिस्ड कॉल करके एसएमएस के जरिए प्राप्त लिंक का इस्तेमाल कर सीधे प्रधानमंत्री को भी सुझाव भेज सकते हैं।

25 अगस्त, 2019 को प्रातः 11:00 बजे मन की बात कार्यक्रम सुनना न भूलें।

फिर से कायम कर देना
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Ashokbhai
Ashokbhai 7 साल 3 सप्ताह पहले
સાહેબ, હું આપને જનસંખ્યા ઘટાડવા માટે એક વિચાર જણાવવા માંગુ છું કે આપણા દેશમાં જેને 0 બાળક હોય તેને 25 % અનામત,જેને 1 બાળક હોય તેને 10 % અનામત,જેને 2 બાળક હોય તેને 2 % અનામત તથા જેને 2થી વધુ બાળક હોય તેને 0 % અનામત અને ટેક્સ 3 ગણો . આ યોજના જો અમલમાં મુકાશે તો મારા ખ્યાલથી 100 % જનસંખ્યા ઘટશે.
Eshwaroju Chandrashekar
Eshwaroju Chandrashekar 7 साल 3 सप्ताह पहले
Dear PM Ji, Subject: Health India concept. My suggestion: In Indian government now onwards don’t give the permission for establishing license and renew the license alcohol and tobacco manufacturers as well as distributing. Don’t allow the import from the both to other countries. When these are 100% implement India then will see health India.
SHARMISHTA PREMRAJ
SHARMISHTA PREMRAJ 7 साल 3 सप्ताह पहले
Dear Sir, Its really sad that our education system is loosing its value. Earlier were thought about Indian culture,Indian stories,tales etc. Today the curriculum is more of aping western way of education.And more than gaining knowledge emphasis is made on getting high scores. Our ancestors had left us a wonderful way of teaching kindly revive the same so that rather than just producing toppers we produce a good human beings too.Presently students must be top scorers bt they hardly knw to behav
kanishka arora
kanishka arora 7 साल 3 सप्ताह पहले
मानयवर यदि corruption हटाने के लिए नोट बंदी हो सकती है, गुजरात मे शराब बंद हो सकती है तो क्या असमाजिक पदार्थो(बिडी, गुटका, सुपारी,,) पर पाबंधी नही हो सकती?? यदि इन्हे खाने पर रोक है तो इन्हे बनाने पर रोक क्यो नही??? क्या इसके खिलाफ कोई मिसाइल launch नही हो सकता पर्धान मंत्री जी से मेरा यह अनुरोध है कि इस बार मन कि बात मे केवल लोगो इनसे दूर रहने का ही अनुरोध ना किया जाए अपितु इन पदार्थो के खिलाफ surgical strike जैसी किसी strike का एहलान किया जाए 🙏🙏🙏 धन्यवाद भारतवासी
Eshwaroju Chandrashekar
Eshwaroju Chandrashekar 7 साल 3 सप्ताह पहले
Dear PM Ji, I’m requesting to you two systems have need to be centralise and more transparency India for wealth India and development India . These are :1 . Medical ( required standard rates all disease in all over India . 2. Education:- Need to be developed the govt school, now onwards don’t give the permission for private sector, RTE( Right Education Act ) act 100% implementing need to require, I hope no one can follow this , Beneficiary details need to be put on display like web site ...
Lohit
Lohit 7 साल 3 सप्ताह पहले
माननीय प्रधानमंत्री महोदय मेरा सादर प्रणाम ग्रहण करे। आपने J. K से 370 अनुच्छेद हटाकर देशहित के लिए जौ बड़ी फेसले लि उसके लिए मे आपको आभार व्यक्त करता हूं। मुझे लगता है देश के भला के लिए कौइ अच्छा फेसला लेते हैं तौ उस फैसले कौ दैश के हर political party या लौगौ की तरफ से उस फैसले को support करना चाहिए। आज देश में कुछ political party ने उस फैसले को support नहीं किया है। महौदय उन पार्टी ने उस फैसले कौ support न करके अपने देश के साथ या देश की जनता के साथ गाद्बारि तो नहीं की?
Gyan Kumar
Gyan Kumar 7 साल 3 सप्ताह पहले
आदरणीय प्रधानमंत्री जी आप को मेरा नमस्ते। मै आप को गरीबो के हेल्थ को लेकर कुछ बाते बताना चाहता हु मैं आप को ये कहना चाहता हूँ की बैंक या सरकार के तरफ से विभिन तरह के लोन दिया जाता है. ठीक उसी प्रकार हेल्थ लोन भी मिले जिस से कुछ कमाने बाले गरीब अपने बच्चो और बुजुर्ग माता पिता का भी इलाज करा सके ताकि किसी भी ग़रीब परिवार से किसी का भी बीमारी के कारन मित्यु ना हो आयुष्मान भारत योजना का लाभ जिस गरीब परिवार के पास "BPL" कार्ड ना हों और जिस गरीब का "APL" कार्ड हों बो तो इस लाभ से बंचीत हो जायेंगे.
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Balasaheb Karpe
Balasaheb Karpe 7 साल 3 सप्ताह पहले
Respected Prime Minister, I wanted to share my idea with you about farmers.I am a farmer and I wish that you shall give us 1.50% more money from our agriculture spendings.In farming particularly a male labourer gets 400rs per day and a female labourer gets 300rs per day farmer again needs fertilizers so if he/she buy fertilizers his/her spending will be more and he/she will not get profit from his/her agriculture and he/she will suffer from loss.
Kishan Kumar
Kishan Kumar 7 साल 3 सप्ताह पहले
माननीय प्रधानमंत्री जी मैं किशन कुमार बेगूसराय (बिहार) से मैं यह कहना चाह रहा हूँ कि अगर शिक्षा के क्षेत्र में आरक्षण को खत्म कर दिया जाए और उसके जगह पर जरूरतमंद बच्चों को बचपन से ही पढाई का पूरा खर्च सरकार उठाए. बात आती है कि इतना सारा खर्च कहाँ से किया जाएगा तो हमारे देश में सासंदो और विधायकों के पेंशन पर जो सरकार खर्च करती है अगर उसको बंद कर दिया जाता है तो यह कार्य किया जा सकता है। मैं आपसे आग्रह करता हूँ सर आप इसपे जरूर सोचें।
kanishka arora
kanishka arora 7 साल 3 सप्ताह पहले
मान्यवर तरक्की करते हुए भारत के लिए सबसे बडा कलंक है असमाजिक पदार्थ (बीडी, गुटका, तंबाकु, सुपारी) जो नई युवा पीढी को अपनी ओर आसानी ले आकर्षित कर लेते है और उनन्ती करता भारत उतना ही पिछड जाता है । मुद्दा पुराना है पर कभी भी गौर नही किया जाता, हम भारत को सवच्छ बनाने की दौड मे जुटे है, पऱतु यदि हम इन पदार्थोपर कडा कदम नही उठाएगे तो क्या भारत साफहो सकता है? इन पदार्थो से केवल भारत ही नही अपितु हमारे पर्यटक स्थलो पर भी पर्भाव पडता है और करोडो पेंट के डब्बे इनके निशानो को छुपाने मे लग जाते है ...