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राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर, लोथल के लिए लोगो डिजाइन प्रतियोगिता

लोथल 2400 ई.पू. पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे प्रमुख शहरों में एक ...
लोथल 2400 ई.पू. पुरानी सिंधु घाटी सभ्यता के सबसे प्रमुख शहरों में एक है। पुरातात्त्विक खुदाइयों से लोथल में सबसे पुराने मानव निर्मित एक डॉक-यार्ड, जो कि 5000 वर्ष पुराना है, की खोज की जा सकी है। भारत की समृद्ध और विविध समुद्री विरासत को दर्शाने के लिए पोत परिवहन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा लोथल, गुजरात में एक विश्व स्तरीय राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर (एनएमएचसी) विकसित किया जा रहा है। एनएमएचसी प्राचीन से लेकर आधुनिक समय तक की सभी विभिन्न एवं समृद्ध कलाकृतियों को समेकित करेगा और इनको लोगों तक पहुँचाएगा ताकि लोग हमारी समृद्ध समुद्री विरासत से परिचित हों, इससे सीखें एवं प्रेरित हों। एनएमएचसी परिसर को विकसित करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकी का प्रयोग करते हुए शिक्षा एवं मनोरंजन का मिलाजुला दृष्टिकोण अपनाया जाएगा। एनएमएचसी में राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय, समुद्री विरासत आधारित थीम पार्क, मनोरंजन पार्क, समुद्री अनुसंधान संस्थान, प्रकृति संरक्षण पार्क, रिसोर्ट एवं होटल आदि होंगे।
ऐसे महत्वपूर्ण स्थान पर राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर की स्थापना करना लोथल के ऐतिहासिक महत्व के अनुकूल होगा और इससे यह स्थान समुद्री विरासत के असाधारण एवं अद्वितीय जगह के रूप में विकसित होगा। इससे गौरव का संचार होगा, जागरूकता पैदा होगी और देश के समृद्ध एवं विविध समुद्री इतिहास के ज्ञान का संवर्धन होगा। समुद्री इतिहास को दर्शाने के लिए इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी की सहायता ली जाएगी और यह न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय रूप से भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का एक केंद्र बनेगा।
चयनित लोगो को 20,000/- रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
प्रविष्टियों को जमा करने की अंतिम तिथि 4 जून,2020 है।
नियम और शर्तें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
किसी भी प्रश्न के लिए संपर्क करें:
आशुतोष प्रताप
sagar.mala@gov.in
(011-2371475)