Gopal
6 years 2 months ago
आदर्श क्रेडिट सोसाइटी के 21लाख निवेशक परिवारों का दुर्भाग्य है, कि जहां आदर्श क्रेडिट में सरकार की एक पाई भी न लगी हो, उसमें सरकार ने इतनी रुचि दिखाते हुए जांच के नाम पर सोसाइटी को बंद करवा दिया ऊपर से लिक्वीडेटर नियुक्त कर जमा पैसा मिलने की सम्भावना को ही समाप्त कर दिया।
दूसरी ओर जहां सरकारी संस्थानों,बैंकों में सरकार के लाखों करोड़ की पूंजी लगी है उनमें करोड़ों के घोटाले होने के बावजूद भी वह बदस्तूर चल रहे हैं।गरीबों की बचत का पैसा इस प्रकार लूट लिया जाता है ऐसा केवल भारत में ही होता है।
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