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Tune in to 117th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 29th December 2024

Tune in to 117th Episode of Mann Ki Baat by Prime Minister Narendra Modi on 29th December 2024

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Amaan Khan
Amaan Khan 1 year 9 months ago
प्रधानमंत्री जी के नाम संदेश - मन की बात के लिए आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी सादर प्रणाम मैं अमान खान देश के पहले मॉडर्न सीएससी केंद्र का संस्थापक आपका ध्यान अपने कार्य और यात्रा की ओर आकर्षित करना चाहता हूं आपकी प्रेरणा से प्रेरित होकर मैंने अपने छोटे से प्रयास से समाज में बड़े बदलाव लाने का सपना देखा और उसे साकार किया सीएससी जो भारत सरकार की ई-गवर्नेंस पहल है ने मुझे और मुझ जैसे लाखों उद्यमियों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का अवसर दिया। मैंने अपने मॉडर्न सीएससी केंद्र के माध्यम से 40,000 से अधिक ई-श्रम कार्ड 16,000 आयुष्मान कार्ड और 10,000 से अधिक सरकारी केवाईसी सेवाएं मुफ्त में प्रदान की हैं। मेरा उद्देश्य केवल सेवा है और डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करना है मेरी यह यात्रा कई चुनौतियों से भरी रही, लेकिन आपकी प्रेरणा, डिजिटल इंडिया का विजन और भारत सरकार की योजनाओं ने मुझे आगे बढ़ने की शक्ति दी मेरी कहानी न केवल मेरी सफलता की गाथा है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कैसे भारत का युवा उद्यमशीलता
PK Jain
PK Jain 1 year 9 months ago
महोदय जी नमस्कार। हमारे देश को विश्व की तीसरी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए देश के हर नागरिक की भागीदारी आवश्यक है।छत्तीसगढ के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कोरबा जिले में निवासरत एक एल्युमीनियम कारखाना में कार्यरत कर्मचारी के मन में देश प्रेम की कूट-कूटकर भरा है। इसने G-20 2023 के " जन भागीदारी " में भाग लेकर " अल्प बचत से पूँजी निर्माण" पर व्याख्यान छतरपुर स्थित " लिन्गायत युनिवर्सिटी" में दिया था। विस्तृत जानकारी अटैचमेंट में संलग्न है। कृपया अवलोकन अवश्य करें। आपका अनेकानेक धन्यवाद। आपका दिन शुभ हो।
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Sushil
Sushil 1 year 9 months ago
माननीय सर मोदी जी 1_ आज हम जैसे लोग जो घरेलू हिंसा के fake case से पीड़ित है कब तक suside करेंगे हम पीछले 12 सालो से कोर्ट और कचहरी का चक्कर लगा रहे है अब घर मे बेचने के लिए कुछ भी नही जिससे कोर्ट मे अपनी case देख सके मजदूरी करतें है जीवन जीने के लिए अब कोई सहारा नही है शायद ऐसे हम जैसे बहुत से लोग है जिनमे कुछ तो suside atand कर लिए माननीय सर एक बार हम जैसे लोग जो घरेलू fake case से पीड़ित उनमे suside का लिस्ट को देखा जाय और हम लोगो को भी न्याय दिलाया जाये कुछ लोगो का इस देश की न्यायपालिका से यकींन खत्म हो चुका है l
Mohit Kumar
Mohit Kumar 1 year 9 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी, मैं हिमाचल का रहने वाला हूं और मेरा घर एक पहाड़ी पर स्थित है जो लगभग दो जिलों के बॉर्डर पर है। ऊंचाई पर होने के कारण हमारे अपने जिले के टैंक से हमें पानी की सप्लाई नहीं मिल सकी। हमने दूसरे जिले के विभाग में आवेदन किया था लेकिन 4 साल से कोई सुनवाई नहीं है। युवाओं के रोजगार और जलापूर्ति के बारे में चर्चा हो सकती है।
IGXXXXXXGG
IGXXXXXXGG 1 year 9 months ago
Desh mai Nasha bhut bad raha h aur brashtachar bhot ho raha h dono Kahtam hona chahe tab tak desh age nhi bad sakta h modi ji aap h khtam kar site h aap se desh ko bhut used h
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Manoj Chouhan
Manoj Chouhan 1 year 9 months ago
माननीय प्रधानमंत्री जी, कृपया यह बताएं कि आपकी सरकार आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कौन-कौन से सुधार करने की योजना बना रही है, ताकि हमारे देश के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें?" Thanks you 💗 From: Manoj chouhan, jobat dist alirajpur
Manoj Chouhan
Manoj Chouhan 1 year 9 months ago
"माननीय प्रधानमंत्री जी, कृपया यह बताएं कि आपकी सरकार आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में कौन-कौन से सुधार करने की योजना बना रही है, ताकि हमारे देश के युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें?" Thanks you 💗 From: Manoj chouhan, jobat dist alirajpur
GirijaShankar Mohapatra
GirijaShankar Mohapatra 1 year 9 months ago
Dear PM sir. One thing is very strange but true in our nation. It is quite surprising that, if a Judge belonging to a court gives absurd justice or sides with one party only without reviewing the evidences, there exist in the country, no system in the nation who uses his / her whims. One such example has been forced upon my son, in which the high court judge blindly asked my son to deposit 4 lakhs for a bail petition, the cause of which is absolutely fraudulent practices and fabricated complaint which has pushed to my son to mental agony and stress due to which he lost his job, though my son won the case based on evidences. The charge sheet against FIR was not submitted even in four years after the FIR filed, the base of which is proved as false and fabricated… How judiciary is blind to evidences…?
Abhay Pralhad Vaidya
Abhay Pralhad Vaidya 1 year 9 months ago
पर्यावरण भाग दोन - यात अजून एक गोष्ट विजेवर चालणारी पण सुरक्षित वाहनं याकडे जास्त लक्ष केंद्रित झालं तर आणखीन पर्यावरण समतोल राखण्यास मदत होईल, सुयोग्य विचार व्हावा, लवकरात लवकर कार्यवाही व्हावी, पोच मिळावी,