Ram k
1 year 3 months ago
अंग्रेजने जो फर्जी व्यवसाय बनाए थे, उससे पूरे विश्व को अनगिनत नुकसान हुआ है। इसमें मुख्य फर्जी व्यवसाय है ज़ज और वकील। यदि न्याय के नाम पे इकोसिस्टम बनाके केवल जनता को लूटना, प्रताड़ित करना ही उद्देश्य था तो इसका अर्थ है कि यह ढांचा भी लंदन साम्राज्य को बनाए रखना था। इसलिए हमें इन फर्जी व्यवसायों को भी बंध करना पड़ेगा और नागरिक जज और वकील दोनों का बोझ उठा ही नहीं सकता। यदि जज का वेतन आम करदाता भर रहा हैं तो उसे न्याय देने के लिए वकील की आवश्यकता नहीं है। यदि जज बिना वकील के न्याय नहीं दे सकता, तो उसे सरकारी वेतन भी नहीं मिल सकता। और जितने भी भ्रष्ट जज है उनकी सुरक्षा और बंगला दोनों छीन लेना चाहिए और जब तक विश्व से आसमानी समुदाय का नाश नहीं हो जाता, हर बीके हुए जज के ऊपर जिहादियों को छोड़ देना चाहिए। यदि पश्चिम यूरोप इस जज_वकील के फर्जीवाड़े को चलते रखना चाहिए तो रखे पर भारत समेत जो भी देश स्वयं को दिवालिया होने से बचना चाहता हैं, उसे इस फर्जी व्यवसाय से बाहर निकलना ही पड़ेगा। और बिना घोषणा किए हमें निकटतम भविष्य में यह तो सुनिश्चित करना ही पड़ेगा की सारे जज केवल सनातनी विचारधारा के हो ज
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